राज्य स्तरीय शालेय क्रीडा स्पर्धा का विधायको व जन प्रतिनिधियों ने किया बहिष्कार
राज्य स्तरीय शालेय क्रीडा स्पर्धा का विधायको व जन प्रतिनिधियों ने किया बहिष्कार
खेल में राजनीति और जिला के मंचों का सौदाकरण बंद हो
जिला प्रशासन की कार्यशैली को लेकर उठे प्रश्न
शिक्षा विभाग का आयोजन फिर विवादों में, भाजपा नेताओ से सजा मंच
5 दिनों से सरकारी कार्यक्रम का मंच, समापन कार्यक्रम के पहले बना भाजपा का मंच
मंच में सरकारी बैनर और नीचे लग रहे भाजपा के झंडे
सरकारी मंच बैनर को पर्दे में ढक कर अलग से बनाया गया बीजेपी का मंच,
लोगों की भीड़ लाने लगी बसों में पेट्रोल डीजल, नाश्ता पानी तथा टेंट का खर्च प्रशासन का और कार्यक्रम,,,,,,,
सारंगढ़ में यह नहीं चलेगा शांत फिजा को अशांत ना करें अधिकारी आज है कल चले जाएंगे
सारंगढ़ बिलाईगढ़ न्यूज़/ सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिले में जिला प्रशासन की मनमानी कार्यप्रणाली जनप्रतिनिधियों और आम जनता के बीच बड़ा प्रश्न चिन्ह खड़ा कर रहे हैं? जिला प्रशासन के द्वारा बार-बार जन प्रतिनिधियों और निर्वाचित पद का अपमान के गंभीर आरोप लगते आ रहे हैं। हद तो आज तब हो गई जब 4 तारीख से 7 तारीख तक राज्य स्तरीय शालेय खेलकूद प्रतियोगिता का कार्यक्रम खेलभाटा मैदान के एकमात्र मंच में संपन्न होना था, सरकारी मंच में 12:00 बजे सरकारी समापन समारोह का कार्यक्रम और 10:00 बजे भारतीय जनता पार्टी की बैनर पोस्टर झंडे के साथ पार्टी कार्यक्रम संपन्न होता है और उसके बाद इस मंच में पुनः शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित क्रीड़ा स्पर्धा का समापन समारोह संपन्न होता है। सरकारी बैनर के साथ भाजपा के झंडे कार्यक्रम स्थल में लगे हुए साथ ही सरकारी मंच के फ्लेक्स को ढक दिया गया। जहां सैकड़ो भाजपा के झंडे मिले और आगे नया प्रोजेक्टर लगाकर उक्त मंच का उपयोग किया गया।
खेल में राजनीति हावी – खेल कूद के कार्यक्रम को शिक्षा विभाग में राजनीति का एक बड़ा अखाड़ा बना कर रख दिया और कहीं ना कहीं उक्त कार्यक्रम में जिला प्रशासन के बड़े अधिकारियों का शामिल होना पूरे जिला प्रशासन के टीम पर प्रश्न चिन्ह खड़ा करता है की क्या जिला प्रशासन और एक पार्टी पैरेलल चल रही है? जिसकी जन चर्चा गर्म है वहीं जिला प्रशासन के कार्यक्रम में निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के अलावा दर्जन भर भाजपा नेताओं के चेहरे जिला अधिकारियों के साथ सार्वजनिक जगहों पर स्पष्ट रूप से देखे जा सकते हैं और अन्य पार्टियों संगठन प्रमुखो समाजसेवियों और खेल संघ मीडिया को सरकारी कार्यक्रम का न्योता तक नहीं दिया जा रहा है कहीं ना कहीं जिला प्रशासन पर उंगली उठना लाजिमी है। जनता सोचने में मजबूर है की अधिकारी शासन का काम कर रहे हैं या,,,
राज्य स्तर का शुभारंभ कार्यक्रम भी विवादों के साए में घिरा दिखा –
गौरतलब हो की राज्य स्तरीय शालेय खेलकूद प्रतियोगिता का शुभारंभ कार्यक्रम भी विवादों में घिरा दिखा, जहां मंच से मीडिया और जनप्रतिनिधियों को नीचे उतरने तक कह दिया गया और बाद में भाजपा के कार्यकर्ताओं को कुर्सियां सौंप दी गई ना प्रोटोकॉल नजर आया ना अपना नाम लिखा हुआ कुर्सी कमा आई। शुभारंभ के समय कुर्सियों में नाम लिखे होने के कारण मंत्री सांसद विधायक नगर पालिका अध्यक्ष की कुर्सियों पर प्रशासन ने नाम तो चिपकाए थे मगर नगर पालिका अध्यक्ष की कुर्सी में पूर्व भाजपा जिला अध्यक्ष सुभाष जलान जी बैठ गए थे ना प्रशासन के अधिकारियों ने उन्हें हटाया ना किसी अधिकारी का मुंह तक नहीं खुला, विधायक के कहने के बाद भाजपा नेता को कुर्सी छोड़नी पड़ी और सोनी अजय बंजारे नगर पालिका अध्यक्ष अपने कुर्सी में बैठी। यहां तक की जिला पंचायत उपाध्यक्ष अजय जवाहर नायक को भी मंच में आने के बाद खड़ा रहना पड़ा फिर किसी तरह पीछे की कुर्सी उन्हें दी गई तो मंच में स्थान मिला।
जनपद अध्यक्ष श्रीमती ममता सिंह ठाकुर को ना कार्ड में ना मंच के प्रथम पंक्ति में जगह दी गई। सारंगढ़ जिला मुख्यालय का बड़ा जनपद क्षेत्र जहां महिला जनपद अध्यक्ष जो एकमात्र सामान्य वर्ग से हैं उन्हें भी कुर्सी से वंचित कर दिया गया। जिला प्रशासन में महिला अधिकारियों की उपस्थिति के बावजूद महिला नेत्री का अपमान चर्चा का विषय बना रहा और उन्होंने खुद मीडिया के माध्यम से जिला प्रशासन के इस रवैया का न्यायालय तक जाने का हवाला दिया और विरोध जताया।
जिला प्रशासन और विभागों के अधिकारियों के ऐसे रवैया को लेकर कई संगठनों और जनप्रतिनिधियों ने अब आंदोलन की चेतावनी दी है और कहा है कि यह सारंगढ़ है ऐसा यहां नहीं चलेगा अधिकारी आज है कल नहीं रहेंगे लेकिन सारंगढ़ की शांत फिजा को अशांत ना करें,,,,,,

