कागज़ों में 100 लीटर कीटनाशक छिड़क कर हजम कर गए 45 हजार, खोरीगांव में सरपंच-सचिव का बड़ा कारनामा
कागज़ों में 100 लीटर कीटनाशक छिड़क कर हजम कर गए 45 हजार, खोरीगांव में सरपंच-सचिव का बड़ा कारनामा
सारंगढ़-बिलाईगढ़ / बरमकेला ।। जनपद पंचायत बरमकेला अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत खोरीगांव से भ्रष्टाचार और सरकारी राशि के बंदरबांट का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। पंचायत के जिम्मेदार प्रतिनिधियों ने सरकारी बजट को ठिकाने लगाने के लिए कागज़ों में ही पूरे गांव के घर-घर में 100 लीटर कीटनाशक दवाई का छिड़काव दिखा दिया और 45,000 रुपये की राशि आहरित कर ली।
क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत खोरीगांव के सरपंच और सचिव ने मिलीभगत कर 450 रुपये प्रति लीटर की दर से 100 लीटर ग्रामॉक्सोन और राउंडअप (कीटनाशक दवाएं) का बिल बनवाकर 45,000 रुपये की शासकीय राशि का आहरण कर लिया। कागजी दस्तावेजों में यह दर्शाया गया है कि इस कीटनाशक का छिड़काव गांव के हर घर में कराया गया है।
कृषि और सुरक्षा मानकों की खुली धज्जियां हैरानी की बात यह है कि कृषि विशेषज्ञों और आम गणना के अनुसार, 100 लीटर ज़हरीला कीटनाशक लगभग 60 एकड़ कृषि भूमि में छिड़काव के लिए पर्याप्त होता है।
पहला सवाल: यदि इतने बड़े पैमाने पर अत्यधिक ज़हरीले कीटनाशक (ग्रामॉक्सोन/राउंडअप) का छिड़काव सचमुच रिहाइशी इलाके या घरों में किया गया, तो गांव के लोगों, मवेशियों और बच्चों की जान को सीधे तौर पर खतरे में डाल दिया गया।
दूसरा सवाल: यदि छिड़काव हुआ ही नहीं—जो कि धरातल की स्थिति देखकर साफ ज़ाहिर होता है—तो 100 लीटर ज़हरीली दवा आखिर गई कहाँ? क्या सिर्फ कागजी खानापूर्ति करके पूरे 45,000 रुपये डकार लिए गए?
बिना किसी डर के जारी है ‘जुगलबंदी’
ग्राम पंचायत खोरीगांव में सरपंच और सचिव की यह जुगलबंदी बिना किसी प्रशासनिक खौफ के फल-फूल रही है। आरोप है कि शासकीय योजनाओं और पंचायत फंड की राशि में लगातार इसी तरह फर्जी बिलों के सहारे सेंधमारी की जा रही है। ज़हरीले कीटनाशक के नाम पर इस तरह का फर्जीवाड़ा न केवल वित्तीय अनियमितता है, बल्कि जनस्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ का भी मामला बनता है।
अब देखना यह होगा कि खबर चलने के बाद क्या प्रशासनिक कार्यवाही होता है या नही..?

