September 10, 2026

अमुर्रा के इस सा-मिल पर आखिर ‘अवैध अर्जुन’ का ये जखीरा कहाँ से आया? क्या वन विभाग और सा-मिल संचालक के बीच कोई ‘खास डील’ है

1 min read
Spread the love
419 Views

सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के बरमकेला ब्लॉक का ‘अमुर्रा’ गांव… और यहाँ का एक ‘सा-मिल’। यहाँ से जो तस्वीरें सामने आई हैं, वो किसी को भी हैरान कर देंगी! कुदरत की कीमती धरोहर, अर्जुन के विशालकाय पेड़… आखिर ये अवैध लकड़ियाँ यहाँ कैसे पहुँची?

“क्या दिन, क्या रात—अमुर्रा का सा-मिल चौबीस घंटे गुलजार! किसकी शह पर बेधड़क चल रही है अवैध अर्जुन की कटाई, क्या यही है वन विभाग का ‘सबका साथ, अपना विकास’?”

“सवाल बड़ा है—क्या वन विभाग के नाक के नीचे इतना बड़ा अवैध कारोबार बिना मिलीभगत के मुमकिन है? अमुर्रा के इस सा-मिल पर आखिर ‘अवैध अर्जुन’ का ये जखीरा कहाँ से आया? क्या वन विभाग और सा-मिल संचालक के बीच कोई ‘खास डील’ है?”

“जिले के वन मंडलाधिकारी (DFO) साहब, या तो आप इस अवैध कटाई पर तुरंत नकेल कसें, या फिर ये माना जाए कि सा-मिल संचालक पर आपकी मेहरबानी का ‘अघोषित संरक्षण’ बना हुआ है?”

“वन महकमे की चुप्पी आखिर किस बात का इशारा है? क्या कार्रवाई होगी या फिर फाइलों में ये घोटाला भी दफन हो जाएगा? सा-मिल सील होगा या DFO दफ्तर पर सवाल उठेंगे?