स्वामी आत्मानंद हिंदी मीडियम स्कूल सारंगढ़ का शर्मनाक प्रदर्शन: 160 में से 159 छात्र फेल, प्रबंधन की कार्यशैली पर खड़े हुए बड़े सवाल
स्वामी आत्मानंद हिंदी मीडियम स्कूल सारंगढ़ का शर्मनाक प्रदर्शन: 160 में से 159 छात्र फेल, प्रबंधन की कार्यशैली पर खड़े हुए बड़े सवाल
सारंगढ़-बिलाईगढ़। जिले के शिक्षा विभाग की लचर व्यवस्था और स्वामी आत्मानंद हिंदी मीडियम स्कूल सारंगढ़ की शैक्षणिक गुणवत्ता एक बार फिर कटघरे में है। कक्षा 9वीं के वार्षिक परीक्षा परिणाम ने स्कूल प्रबंधन की पोल खोलकर रख दी है। आंकड़े इतने चौंकाने वाले हैं कि शिक्षा विभाग के दावों पर प्रश्नचिह्न लग गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, कक्षा 9वीं के 160 छात्रों में से केवल 1 छात्र उत्तीर्ण हो पाया है, जबकि शेष 159 छात्र अनुत्तीर्ण (फेल) हो गए हैं।
क्या शिक्षकों की योग्यता है कारण?
इतने बड़े पैमाने पर छात्रों के फेल होने से अभिभावकों में भारी आक्रोश है। स्थानीय नागरिकों और पालकों का आरोप है कि स्कूल में पदस्थ शिक्षकों की योग्यता और शिक्षण पद्धति पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। यदि अधिकांश छात्र एक साथ फेल होते हैं, तो यह सीधे तौर पर शिक्षण की गुणवत्ता में कमी को दर्शाता है। क्या शिक्षकों ने छात्रों को सही दिशा में पढ़ाया ही नहीं? यह जांच का विषय है।
स्कूल प्रबंधन की ‘सांठ-गांठ’ की चर्चा
क्षेत्र में यह चर्चा जोरों पर है कि क्या इस परिणाम के पीछे स्कूल प्रबंधन की कोई सोची-समझी सांठ-गांठ है? पालकों का कहना है कि इतने खराब रिजल्ट के बाद भी जिम्मेदारों की चुप्पी किसी बड़े खेल की ओर इशारा कर रही है। आखिर इतनी बड़ी संख्या में छात्र कैसे फेल हो सकते हैं? क्या यह स्कूल में बुनियादी सुविधाओं या शिक्षकों की लापरवाही का नतीजा है?
उच्च स्तरीय जांच की मांग
मामला विकासखंड सारंगढ़ का है, जहां शिक्षा के नाम पर हो रहे इस “मजाक” ने बच्चों के भविष्य को अधर में लटका दिया है। अब देखना यह है कि क्या जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग इस गंभीर मामले की जांच के लिए कोई टीम गठित करेगा? क्या उन शिक्षकों और प्रबंधन पर कार्रवाई होगी, जिनकी लापरवाही से 159 बच्चों का एक साल बर्बाद हो गया?

