April 19, 2026

सारंगढ़ में पंचायतों के विकास कार्य के नाम पर करोड़ों की रकम हजम करने वाले सरपंच सचिवों की अब खैर नहीं!गबन किए पैसे को जमा नहीं करने पर सरपंच सचिवों को जानी होगी जेल

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सारंगढ़-बिलाईगढ़// पंचायतों के विकास के नाम पर करोड़ों की रकम हजम करने वालों की अब खैर नहीं! सारंगढ़ के तेजतर्रार एसडीएम प्रखर चंद्राकर ने बड़ा एक्शन लेते हुए आधा दर्जन से ज्यादा गांव के पूर्व सरपंचों और सचिवों पर गिरफ्तारी वारंट तान दिया है। कारण? काम ज़ीरो, खर्चा ही खर्चा — और वो भी सरकारी पैसा!

मामला है ग्राम पंचायतों में निर्माण कार्यों के नाम पर पैसा निकालने का, लेकिन जमीन पर ना तो कोई काम हुआ, ना कोई विकास। अब एसडीएम ने सीधे धारा-92 का हथौड़ा चलाया है — जिसका मतलब है, या तो पैसा वापस करो या फिर सीधे सिविल जेल की हवा खाओ।

सबसे बड़ा झटका लगा गोडिहारी पंचायत के दौलतराम जायसवाल और हेमलता अरिले को — इन पर कुल 27.65 लाख रुपये की वसूली बाकी है! दौलतराम ने जैसे-तैसे 5 लाख रुपये जमा किए और बाकी के लिए “थोड़ा वक्त दो” की अर्जी लगाई — फिलहाल वारंट ढीला पड़ा है, लेकिन तलवार अब भी लटकी हुई है।

गंजाईभौना, रेडा, अमलीपाली और जिल्दी पंचायत में भी मामला गरम है। रेडा पंचायत ने 4.86 लाख डकार लिए थे, अब 3 लाख लौटाए हैं। जिल्दी पंचायत में तो पूरे 20.64 लाख की उगाही का वारंट झटक गया है!

एसडीएम प्रखर चंद्राकर का साफ कहना है — “अब या तो पैसा जमा करो, या फिर 30 दिन की छुट्टी सिविल जेल में तय मानो।” जरूरत पड़ी तो संपत्ति, कागज, सब जब्त होगा — इस बार कोई रियायत नहीं।

सारंगढ़ की गलियों में अब चर्चा गर्म है — कौन जाएगा जेल, कौन बचाएगा अपनी कुर्सी? पंचायतों का ये सबसे बड़ा घोटाला अब धीरे-धीरे खुल रहा है और प्रशासन की नजर अब बाकी बकायादारों पर भी टिक गई है।