March 2, 2026

प्रधानमंत्री आवास योजना पर भ्रष्टाचार की लगी नजर, रोज़गार सहायक व बिचौलिए मिलकर पैसे की कर रहे उगाही

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प्रधानमंत्री आवास योजना पर भ्रष्टाचार की लगी नजर, रोज़गार सहायक व बिचौलिए मिलकर पैसे की कर रहे उगाहीप्रधानमंत्री आवास योजना में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप, मधाईभाठा में रोजगार सहायक पर कार्रवाई की मांग तेज़मधाईभाठा/बिलाईगढ़(जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़):प्रधानमंत्री आवास योजना (प्लस 02)जैसे महत्वाकांक्षी और जनकल्याणकारी योजना में भ्रष्टाचार की आंच अब छत्तीसगढ़ के सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले तक पहुँच गई है। ग्राम पंचायत मधाईभाठा के ग्रामीणों ने ग्राम रोजगार सहायक धनसाय साहू पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि धनसाय साहू द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत ऑनलाइन सर्वे के नाम पर हितग्राहियों से अवैध रूप से पैसे की मांग की जा रही है। जिन हितग्राहियों द्वारा पैसा दिया जा रहा है, केवल उन्हीं के नामों को सूची में दर्ज किया जा रहा है, जबकि बाकी योग्य लोगों को जानबूझकर सूची से बाहर रखा जा रहा है।
सर्वे कार्य में भारी अनियमितता
स्थानीय लोगों का कहना है कि सर्वे कार्य नियमानुसार नहीं किया जा रहा है। रोजगार सहायक द्वारा सर्वे छोड़-छोड़ कर किया जा रहा है और किसी भी पारदर्शिता का पालन नहीं हो रहा। जिन ग्रामीणों ने पैसे देने से मना किया, उन्हें साफ शब्दों में धमकाया गया कि उनका नाम आवास सूची से हटा दिया जाएगा या फिर उनके बारे में गलत विवरण भर दिया जाएगा।
पहले भी हो चुकी हैं शिकायतें, नहीं हुई कोई कार्रवाई
ग्रामीणों का कहना है कि इस पूरे मामले को लेकर पहले भी संबंधित अधिकारियों को शिकायती आवेदन दिए जा चुके हैं, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इससे यह संदेह और गहराता जा रहा है कि कहीं न कहीं ऊपर तक इस भ्रष्टाचार को संरक्षण मिल रहा है।
ग्रामीणों की एकजुट मांग – निष्पक्ष जांच हो और जिम्मेदार पर कार्रवाई हो
अब ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से मांग की है कि श्री धनसाय साहू को तत्काल रोजगार सहायक पद से हटाया जाए और प्रधानमंत्री आवास योजना (प्लस 02) के सर्वे का कार्य किसी ईमानदार एवं निष्पक्ष कर्मचारी से कराया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक ऐसे भ्रष्ट कर्मचारी पर कार्रवाई नहीं होगी, तब तक गरीबों को उनका हक नहीं मिलेगा।
मुख्यमंत्री की घोषणा भी हुई उपेक्षित
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ के माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने मंच से यह स्पष्ट घोषणा की थी कि प्रधानमंत्री आवास योजना के नाम पर अगर किसी भी स्तर पर अवैध वसूली की गई तो उस कर्मचारी पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। लेकिन मधाईभाठा गांव के इस मामले में अब तक की निष्क्रियता ने इस घोषणा पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
अब सवाल उठता है – क्या वाकई गरीबों की योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचेगा या भ्रष्ट तंत्र ही उसका रास्ता रोकता रहेगा?
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि मामले की निर्दलीय जांच कराई जाए और दोषी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करते हुए सर्वे कार्य दोबारा एवं निष्पक्ष रूप से कराया जाए, ताकि प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ सही पात्रों तक पहुँच सके।

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