शिक्षा के मंदिर में ये कैसा बर्ताव? दमदमा स्कूल के शिक्षक कार्तिकराम सिदार के खिलाफ उठने लगी कार्रवाई की मांग!
जिले के एक शासकीय स्कूल से शिक्षा व्यवस्था को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। दमदमा स्कूल के बच्चों और ग्रामीणों ने हेडमास्टर कार्तिक राम सिदार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों और पालकों का कहना है कि हेडमास्टर साहब पिछले दो सालों से रोजाना शराब के नशे में स्कूल पहुंच रहे हैं, जिससे बच्चों की पढ़ाई और उनका भविष्य अंधकार में जा रहा है।
हद तो तब हो गई जब स्कूली बच्चों ने खुलासा किया कि हेडमास्टर पिछले कई दिनों से स्कूल से नदारद रहने के बावजूद रजिस्टर में चुपचाप हस्ताक्षर कर रहे हैं। बच्चों के अनुसार, वे स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) के दिन भी स्कूल पहुंचे थे, लेकिन उस दिन भी वे पूरी तरह नशे की हालत में झूमते हुए तिरंगा फहराने आए थे।
बच्चों की लगातार गिरती स्थिति और शिक्षक के इस गैर-जिम्मेदाराना रवैये से परेशान होकर जब ग्रामीणों और पालकों ने उन्हें समझाया, तो हेडमास्टर पर इसका कोई असर नहीं हुआ। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि अपनी इस आदत को छिपाने के लिए उन्होंने पूर्व विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) से कथित तौर पर सांठगांठ कर रखी थी।
ग्रामीणों के मुताबिक, स्कूल में पदस्थ अन्य शिक्षक जब भी हेडमास्टर को उनकी इस हरकत पर सुधार की सलाह देते थे, तो वे अपनी पद का धौंस जमाते हुए कहते थे— “तुम मेरे से पद में छोटे हो, मैं हेडमास्टर हूँ!”
अब देखना यह होगा कि इस सनसनीखेज खुलासे और खबर के प्रकाशन के बाद शिक्षा विभाग इस शराबी शिक्षक पर क्या सख्त कार्रवाई करता है या फिर इस कृत्य को यूं ही बढ़ावा मिलता रहता है।
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