अन्नदाताओं के पसीने पर ‘डाका’: नौरंगपुर समिति में किसानों से खुली लूट, तौल में हो रहा भारी खेल
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अन्नदाताओं के पसीने पर ‘डाका’: नौरंगपुर समिति में किसानों से खुली लूट, तौल में हो रहा भारी खेल!
एंकर = जनपद सदस्य प्रतिनिधि, मंडी अध्यक्ष और प्रबंधक की मिलीभगत का आरोप; 40.700 की जगह 41.760 और 41.900 किलो तक वसूला जा रहा धान।
सारंगढ़-बिलाईगढ़। जिले के सेवा सहकारी समिति नौरंगपुर में इन दिनों किसानों की मेहनत की कमाई पर सरेआम डाका डाला जा रहा है। शासन द्वारा निर्धारित मापदंडों एवं नियमों को ताक पर रखकर यहाँ किसानों से प्रति बोरा निर्धारित वजन से कहीं अधिक धान लिया जा रहा है। इस पूरे गबन के पीछे जनपद सदस्य प्रतिनिधि, मंडी अध्यक्ष और समिति प्रबंधक की गहरी सांठगांठ बताई जा रही है, जिसका खुलासा मीडिया की टीम ने मौके पर पहुंचकर किया है।
वजन का गणित: सीधे तौर पर ‘खुली लूट’
नियमों के मुताबिक धान की खरीदी में बोरे के वजन सहित 40.700 किलोग्राम तौल होना चाहिए। लेकिन नौरंगपुर केंद्र में नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। किसानो की शिकायत पर जब हमारी मीडिया टीम द्वारा की गई जांच में पाया गया कि किसानों से प्रति बोरा 41.760 किलो से लेकर 41.900 किलो तक धान लिया जा रहा है।
“प्रति बोरा 1 किलो से सवा किलो तक का यह ‘अतिरिक्त धान’ आखिर किसकी जेब में जा रहा है? हज़ारों बोरों की खरीदी में यह अंतर लाखों रुपये के घोटाले की ओर इशारा कर रहा है।”
सत्ता और रसूख की आड़ में दबी आवाजें
सूत्रों की मानें तो इस खेल में जनपद सदस्य प्रतिनिधि और मंडी अध्यक्ष का सीधा संरक्षण प्राप्त है। समिति प्रबंधक की देखरेख में चल रहे पर बोरी पर ज्यादा तौल के ज्यादा तौलाई के खेल के खिलाफ अगर कोई किसान आवाज उठाता है, तो उसे रसूख का डर दिखाया जाता है। यही कारण है कि किसान मजबूर होकर अपनी उपज कम दाम और अधिक वजन पर बेचने को विवश हैं।अगर जनप्रतिनिधि को किसान चुनाव में जीत दर्ज कराते है की हमारी भरोसे और हित में काम पर खरा उतरेगा करके तो यह तो उसका उल्टा दिखते प्रतीत हो रहा है कि सीधा किसानो के पेट में डाका डाला जा रहा है अब देखना यह होगा कि किसानों ज्यादा तौल के समाचार से विभाग हरकत में आके क्या कार्यवाही( जांच )करते है या भौतिक सत्यापन करते है आगे की समाचार भाग 2 में???… बाइट वीडियो = वर्तमान मंडी अध्यक्ष अपना पल्ला झाड़ते नजर आ रहे है

